सिरोही में महिलाओं के साथ सर्वे करते हुए IDinsight सर्वेयर दिव्या वोरा ©IDinsight/जिला समन्वयक
भारत में हुए कुछ अनुसंधान व हमारे पिछले अनुभव 1 बताते है कि भारत में पारंपरिक परिस्थितियों में, सर्वेयर का लिंग(जेंडर) मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के संबंध में संवेदनशील प्रश्नों 2 में महिला उत्तरदाता के जवाबों को प्रभावित करता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि महिला सर्वेयर ही महिला उत्तरदाताओं का साक्षात्कार करे। उम्र, नस्ल और शैक्षिक स्तर के बावजूद, सामाजिक मानदंडों के कारण, कई महिलाओं को महिला-विशिष्ट मुद्दों जैसे: प्रसव, मासिक धर्म, गर्भनिरोधक, स्तनपान और घरेलू हिंसा के बारे में पुरुषों (उनके पति के अलावा) के साथ बातचीत करने की अनुमति नहीं होती है। नतीजतन, वे पुरुष सर्वेयर से खुलकर बात करने में झिझक महसूस करती हैं।
गुणवत्तापूर्ण जवाबों की उम्मीद तभी की जा सकती है जब महिला उत्तरदाता सर्वेयर के साथ सहज महसूस करें। इसके लिए यह महत्वपूर्ण है कि सर्वेक्षण टीम में कुछ अनुभवी सर्वेयरों के साथ महिला सर्वेयर का प्रतिनिधित्व हो ताकि फ़ील्ड में और ग्रामीण परिवेश में महिला उत्तरदाता के साथ बात करने में आने वाली चुनौतियों को कम किया जा सके।
IDinsight ने हाल ही में राजस्थान में लगभग 3,000 महिलाओं के साथ डेटा कलेक्शन पूरा किया है। ये व्यक्तिगत सर्वेक्षण 200 महिला सर्वेयरों की टीम द्वारा 3 सप्ताह की अवधि में पूरे गए थे। डेटा कलेक्शन के अंत में, हमने अपने सर्वेक्षणकर्ताओं के साथ यह समझने के लिए एक संक्षिप्त गुणात्मक सर्वेक्षण किया कि उनके डेटा संग्रह के अनुभव को क्या आसान और प्रेरक बनता था। यह ब्लॉग हमारे द्वारा सीखी गई 3 महत्वपूर्ण सीख व और महिला सर्वेयर के साथ काम करने के लिए सर्वोत्तम अभ्यास बताता है।
नए भौगोलिक क्षेत्र में पहली बार फ़ील्ड टीम हायरिंग करना चुनौतीपूर्ण होता है। क्योंकि उम्मीदवारों को उन संगठनों पर भरोसा करना मुश्किल होता है जिनके बारे में वे जानते नहीं हैं। इस प्रकार, भले ही हायरिंग फॉर्म उन तक पहुंच जाते हैं, लेकिन विशेषकर महिलाएं आवेदन करने से हिचकिचाती हैं। इस चुनौती से पार पाने के लिए, हमने (IDinsight) लैंगिक मुद्दों पर काम करने वाले ज़िला स्तरीय गैर सरकारी संगठनों से बात करके अपना परिचय दिया व बताया की गैर सरकारी संगठन हमारी किस तरह मदद कर सकते है। हमने सर्वेयर आवेदन फ़ॉर्म को प्रसारित करने में उनकी मदद मांगी तथा गैर सरकारी संगठनों के द्वारा उनके कांटैक्ट के लोगों आवेदन फ़ॉर्म का लिंक भिजवाया गया। विश्वसनीय एनजीओ से प्राप्त हुए हमारे भर्ती फ़ॉर्म ने महिलाओं द्वारा झिझक को कम करने और IDinsight के साथ विश्वास बनाने में मदद की और हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि हमें 1,200 आवेदन (राजस्थान के भीतर और बाहर से) प्राप्त हुए, जिनमें से कई उम्मीदवार पहली बार सर्वे टीम में शामिल होने जा रहे थे। भर्ती प्रक्रिया के सभी चरणों पूरा करने के बाद, हमने 235 सर्वेयरों का चयन किया और उनके चयन की पुष्टि करने के लिए उन्हें फ़ोन कॉल के माध्यम से सूचित किया।
महिला सर्वेयर के लिए सर्वेयर आवेदन फ़ॉर्म में महिला टीम लीडर (जिला समन्वयक, राज्य समन्वयक और फील्ड मैनेजर) की संपर्क जानकारी शामिल होनी चाहिए।ताकि महिला टीम लीडर की उपस्थिति के बारे में जानने के बाद महिला उम्मीदवारों को सर्वेयर की भूमिका के लिए आवेदन करते समय और उनके सामने आने वाली प्रश्नों या चुनौतियों के लिए टीम लीडर बात करने में अधिक सहज महसूस होगा।
आवेदन फ़ॉर्म में यात्रा और आवास व्यवस्था का स्पष्ट विवरण होना चाहिए जो डेटा संग्रह के दौरान महिला सर्वेयरों को प्रदान की जाएगी। यह महिलाओं को सुरक्षित महसूस करने में मदद करेगा और उन्हें फील्डवर्क के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
आवश्यक महिला सर्वेयर टीम की संख्या के अतिरिक्त 15-20% उम्मीदवारों को भर्ती करने के बाद भी, महिलाएं ट्रेनिंग के दिन तक बड़ी संख्या में ट्रेनिंग में आने से मना कर दिया। जिसकी वजह डेटा संग्रह की छोटी अवधि (ट्रेनिंग सहित लगभग 15 दिन) के कारण अधिकांश उम्मीदवारों को ट्रेनिंग में आने से हतोत्साहित किया क्योंकि उनके परिवार वालों ने केवल कुछ दिनों तक चलने वाले काम का समर्थन नहीं कर रहे थे, जबकि उन्हें अपने गृहनगर के बाहर यात्रा की भी आवश्यकता थी। यह चुनौती तब और बढ़ गई, जब डेटा कलेक्शन की शुरू होने की तिथि दो से तीन बार स्थानांतरित हो गई।
सर्वेयर “ड्रॉप आउट” को ध्यान में रखते हुए, हम निम्नलिखित सर्वोत्तम अभ्यास अपनाने की अनुशंसा करते हैं:
हमने सभी जिलों के लिए बड़ी संख्या में ड्राप-आउट को देखते हुए ट्रेनिंग दिन से लगभग 4-5 दिन पहले आवश्यक सर्वेयरों कि संख्या में से लगभग 30% नए सर्वेयर भर्ती करने के लिए एक त्वरित भर्ती अभियान चलाया। इसके लिए, हमने इस आवश्यकता कि पूर्ति करने के लिए डेटा कलेक्शन में पिछले अनुभव वाले मापदंड को हटा दिया है। ताकि पहली बार फ़ील्ड में काम करने की चाह रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र हो सकें। इसकी वजह से योग्य उम्मीदवारों के पूल का विस्तार किया और हमें आवश्यक महिला सर्वेयरों की लक्षित संख्या तक पहुंचने में सक्षम बनाया।
चूंकि कई नए सर्वेयरों को काम पर रखा गया था, इसलिए कुछ बैसिक सर्वे के प्रोटोकॉल, सर्वेसीटीओ एप्लिकेशन (डेटा संग्रह का डिजिटल माध्यम) और सर्वे एप्लिकेशन पर बेहतर तरह से सिखाने के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम को अधिक दिनों तक चलाया। ताकि नए व अनुभवी दौनो सर्वेयर सीखने में समान स्तर पर ला सके।
महिला टीम के साथ काम करते समय सुरक्षा और हिफ़ाज़त सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। इस पर उनकी राय लेने के लिए हमारे द्वारा महिला सर्वेयर टीम के साथ किए गए गुणात्मक सर्वेक्षण के आधार पर, निम्नलिखित प्रमुख अनुशंसाएं निकल कर सामने आईं जिनको नीचे विस्तार से बताया गया है।
सर्वेयर ट्रेनिंग और डेटा संग्रह के दौरान, सर्वेयर टीम को सुरक्षित आवास सुविधाएं प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए, हमारे जिला समन्वयकों ने ऐसे घरों और सुविधाओं की पहचान की जहां पर पहले परिवार रहते है और साथ ही उसी घर या बिल्डिंग का कुछ भाग किराए पर भी उपलब्ध था। इससे सर्वेयरों और उनके परिवारों को यह आश्वासन देने का अतिरिक्त लाभ हुआ कि वे सुरक्षित सुविधाओं में रहेंगे और किसी भी समस्या का सामना नहीं करेंगे।
“डेटा कलेक्शन और ट्रेनिंग दोनो समय सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने में मदद करना भर्ती फॉर्म में बताना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे परिवारों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय होता है। ” – सर्वेयर
हमने अपने प्रत्येक सर्वेक्षण जिले में 3-4 कैब की व्यवस्था की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टीमें एक साथ सुरक्षित यात्रा कर सकें। हमने यह भी देखा कि परिवहन के अन्य साधनों (जैसे बसों) की तुलना में, कार से यात्रा करने से कम यात्रा समय और अधिक आराम के कारण सर्वेक्षण टीमों की उत्पादकता में वृद्धि हुई। हमने पाया कि परिवहन के अन्य साधनों के लिए कार बेहतर थीं:
“फील्डवर्क करने के लिए कारों (कैब) की उपलब्धता ने हमें सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से यात्रा करने और सर्वेक्षण पूरा करने में सक्षम बनाया.” – सर्वेयर
गांवों में कुछ घर दूर-दराज के इलाकों में या सामान्य आबादी से दूर होते हैं। इन घरों तक पहुंचने के लिए, सर्वेक्षणकर्ताओं को खेतों, पहाड़ों और नदियों से भी गुजरना पद सकता है, जो विशेष रूप से महिला सर्वेक्षणकर्ताओं के लिए असुरक्षित हो सकता है। हमने सुनिश्चित किया कि ऐसे घरों से डेटा संग्रह या तो डेटा संग्रह के अंतिम दिनो में या उस दिन पूरा किया जाए जिस दिन टीम लीडर या कम से कम दो अन्य महिला सर्वेयर उनके साथ जा सकें।
गांवों में दूर स्थित घरों में अकेले महिला सर्वेयरों को अकेले भेजने से बचे, खासकर जब उन्हें खेतों और नदियों को अकेले पार करने की आवश्यकता हो।
जैसा कि हम जानते हैं, फील्डवर्क में काफी अनिश्चितता होती है। लेकिन, यह समझने के लिए कि क्या महिलाएं काम के घंटों में सुरक्षित और सहज महसूस करती हैं, डेटा संग्रह शुरू होने के बाद टीम से सुझाव लेना भी बहुत महत्वपूर्ण है। डेटा संग्रह के पहले दो दिनों के बाद हमारे सर्वेक्षणकर्ताओं की प्रतिक्रिया के आधार पर, हमने फील्ड टीम की दैनिक दिनचर्या को संशोधित किया। हम सुबह-सुबह (सुबह 7 बजे) रहने की जगह से नाश्ते के बाद फ़ील्ड के लिए निकल पड़े और शाम (3-4 बजे) तक घर लौट आए। इसने न केवल सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि सुबह जल्दी प्रस्थान करने से उत्तरदाताओं से घर पर मिलने और उत्पादकता में सुधार की संभावना भी बढ़ गई।
“फील्ड के लिए निकलने का समय जल्दी होना चाहिए, ताकि हम फील्ड से जल्दी लौट सकें और अंधेरा होने से पहले अपने रहने की जगह पर पहुंच सकें।.” – सर्वेयर
टीम में लगभग 70% महिला सर्वेयर पहली बार अपने गाँव या कस्बों के बाहर काम कर रही थीं। उनके लिए एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण बनाने के लिए, ट्रेनिंग के पहले दिन से, हमने छोटे-छोटे whatsapp ग्रूप बनाए और उसी समूह की एक अनुभवी महिला सर्वेयर को जिम्मेदारी दी कि यदि उनके समूह के किसी भी सदस्य को कोई समस्या आती है तो उनकी मदद करें। हमने सर्वेयरों को किसी भी समस्या का सामना करने पर बिना किसी हिचकिचाहट के टीम के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही हमने सभी सर्वेयरों को सैनिटरी पैड, आवश्यक दवाएं और फेस मास्क उपलब्ध कराए।
कुछ महिला सर्वेयरों ने गुंवत्तात्मक सर्वेक्षण में बताया कि फ़ील्ड में काम करने के बाद, उन्होंने अपने आप को सशक्त (परिवार के सामने खुल अपनी बात रखना) महसूस किया और आत्मविश्वास हासिल किया। इनमें से कई महिलाएं अब अपने समुदायों में एक उदाहरण के रूप उनके गांव की अन्य महिलाओं को उनके घरों के बाहर काम करने के लिए आत्मविश्वास जगाती है, तथा उनके परिवार वालों के अंदर भी विश्वास जगाकर बाक़ी महिलाओं व लड़कियों को भी फ़ील्ड में काम करने के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा, सर्वेक्षण विषय के बारे में जानने के बाद, उन्होंने अपने अनुभवों को अपने परिवारों और समाज के लोगों तक पहुँचाया। हमारे साथ पहली बार काम करने वाले कई सर्वेयर अब विभिन्न संगठनों में काम कर रही हैं।
“एक बार जब हम पहली बार काम के लिए घर से बाहर रहकर परिवार के सदस्यों के बीच विश्वास पैदा किया है। अब हमें बिना किसी विरोध के बाहर काम करने की इजाजत आसानी से मिल जाती है।” – सर्वेयर
यद्यपि हमें अभी भी महिला सर्वेयरों की संख्या बढ़ाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है, हम इन सर्वोत्तम प्रथाओं को सुनिश्चित करके उनकी भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। कृपया टिप्पणियों में कोई भी सुझाव साझा करें जिसने आपके काम या आपके संगठन की मदद की है।
मैं IDinsight पर अपने सहयोगियों से इस ब्लॉग पर टिप्पणियों और समीक्षाओं की गहराई से सराहना करता हूं। धन्यवाद, रश्मि पांडे, अश्रुत तलवार, रितिका रस्तोगी, फहद हसीन, मिताली माथुर, पूर्णिमा राणावत, अक्षिता शर्मा, वसुंधरा चौहान और एमिली कोपेल।
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